महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के संकेत, 55 वर्ष से अधिक उम्र की महिला सीने में असहजता महसूस करते हुए, हृदय स्वास्थ्य जागरूकता दर्शाती हुई।
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महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा,  55 की उम्र के बाद दिखें येसंकेत तो नज़रअंदाज ना  करें

आज के समय हार्ट अटैक केवल पुरुषों की ही समस्या नहीं है, महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

लेकिन क्या आपको पता है?

थकान, कमजोरी, सांस फूलना या सीने में भारीपन जैसे लक्षण जिनको हम सामान्य लक्षण मान कर चलते है किन्तु ये साइलेंट हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते है खासकर जिन्होंने 55 वर्ष की आयु पार कर ली हो।

Cleveland Clinic के एक अध्ययन के अनुसार, 55 वर्ष से कम उम्र की केवल 50% महिलाएं जिन्हें हार्ट अटैक आया, उन्हें पहले यह अंदाजा भी नहीं था कि उन्हें खतरा है भले ही उनमें कई रिस्क फैक्टर मौजूद थे। यही वजह है कि इसके संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

इस लेख में जानिए कि किन महिलाओं को साइलेंट हार्ट अटैक का ज्यादा रिस्क है, इसके संकेत क्या हैं और बचाव के जरूरी टिप्स।

साइलेंट हार्ट अटैक क्या होता है? 

  • यह भी एक तरह का हार्ट अटैक होता हैं 
  • दिल तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई में रुकावट इसका प्रमुख कारण है  
  • यह बिना किसी तेज दर्द के होने वाला अटैक है
  • कभी कभी दर्द हल्का होता है या महसूस ही नही होता     

CDC के अनुसार, महिलाओं में हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत सीने में दर्द या बेचैनी के अलावा ऊपरी पीठ या गर्दन में दर्द, बदहजमी, हार्टबर्न, जी मिचलाना या उल्टी, गंभीर थकान, चक्कर आना और सांस फूलने जैसे हो सकते हैं।

सामान्य हार्ट अटैक से कितना अलग है ये? 

सामान्य हार्ट अटैक साइलेंट हार्ट अटैक 
सीने में तेज दर्द या दबाव  हल्का दर्द या बिल्कुल नही  
सांस लेने में परेशानी सिर्फ थकान और कमजोरी 
पसीना आना , घबराहट केवल हल्की सांस फूलना  
दर्द का हाथ, पीठ या जबड़े तक फैल जाना   पता ही नहीं चलता
लक्षण साफ़  केवल हल्के लक्षण 
किसी को भी हो सकता है डायबिटीज से पीड़ित लोगों और महिलाओं में जोखिम अधिक होता है
उम्र बढ़ने के साथ हृदय स्वास्थ्य और साइलेंट हार्ट अटैक के जोखिम को दर्शाती एक महिला, जो सीने में दर्द महसूस कर रही है, साथ में विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं और हृदय स्वास्थ्य का प्रतीकात्मक चित्र

Mayo Clinic के अनुसार, सीने में दर्द पुरुषों और महिलाओं दोनों में हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण है, लेकिन महिलाओं में ऐसे लक्षण दिखने की संभावना ज्यादा होती है जो हार्ट अटैक से सीधे जुड़े हुए नहीं लगते जैसे:

जी मिचलाना या गर्दन-पीठ में हल्का दर्द।

महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के छुपे हुए संकेत क्या है? 

अक्सर इसके लक्षण बहुत हल्के या अस्पष्ट होते हैं, जिन्हें समय से पहचानना मुश्किल होता है:

  • पीठ में दर्द  
  • कंधे में दर्द होना  
  • जबड़े में दर्द  
  • चक्कर आना  
  • उल्टी और बदहजमी 
  • सांस फूलना  
  • असामान्य थकावट  
  • सीने में भारीपन महसूस होना 
  • छोटी-मोटी गतिविधि में सांसों का फूल जाना

महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक ज्यादा सामान्य क्यों हैं? 

1. हार्मोन्स का फर्क 

मेनोपॉज से पहले एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं के हार्ट को सुरक्षित रखता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद जोखिम बढ़ जाता है। Mayo Clinic के अनुसार, मेनोपॉज के बाद कम एस्ट्रोजन लेवल से स्मॉल वेसल हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है

2. दर्द महसूस करने का तरीका  

कई महिलाएं शुरुआती लक्षणों को सामान्य थकान या कमजोरी समझकर नज़रअंदाज़ कर देती हैं 

3. महिलाओं पर रिसर्च का अभाव 

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षणों पर पहले अपेक्षाकृत कम शोध हुए थे, हालांकि अब इस क्षेत्र में अध्ययन बढ़ रहे हैं

4. मानसिक तनाव 

तनाव से शरीर में कोर्टिसोल और एड्रिनेलिन जेसे हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है जो दिल पर अतिरिक्त दबाव पैदा करने की प्रक्रिया को शुरू कर सकते हैं  

किन महिलाओं को साइलेंट हार्ट अटैक से सावधान रहने की जरुरत है? 

  • उच्च रक्तचाप (High BP) से पीड़ित (देखें: हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
  • कोलेस्ट्रॉल का लेवल हाई हो (देखें: कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए)
  • जिनका मेनोपॉज हो चुका हो 
  • शुगर और मोटापे से पीड़ित महिलाएं 
  • ज्यादा तनाव या डिप्रेशन में रहने वाली
  • PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम) से ग्रसित  
  • बहुत ज्यादा धूम्रपान करने वाली

महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के संकेत दिखें तो तुरंत क्या करें? 

  • बहुत आराम से धीरे धीरे साँस लें 
  • जब तक डॉक्टर से न मिल लें तब तक लेटें या घूमें नही 
  • पैर जमीन पर रख कर पीठ की किसी सहारे के टिका कर बैठ जाएँ 
  • अपने आसपास मौजूद व्यक्ति को तुरंत अपने लक्षण बताएं
  • यदि डॉक्टर ने पहले से एस्पिरिन लेने की सलाह दी हो, तो उनके निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता लें।
  • जितना जल्दी हो सके अपने डॉक्टर के पास पहुंच जाएँ
दिल के आकार का प्रतीक बनाती हुई विभिन्न आयु वर्ग की महिलाएं, सामने फल, सब्जियां, सलाद और अन्य हृदय-स्वस्थ खाद्य पदार्थ, जो महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली को दर्शाते हैं।

साइलेंट हार्ट अटैक से बचाव कैसे करें? 

  • संतुलित और हेल्थी डाइट लें 
  • रोजाना थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करते रहें 
  • ज्यादा तनाव ना लें 
  • ब्लड शुगर और BP को कन्ट्रोल में रखें 
  • पर्याप्त नींद जरूर लें (देखें: हार्ट को हेल्दी कैसे रखें — नींद का असर)
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बना कर रखें 
  • अपना वजन कन्ट्रोल में रखें 
  • पेट के आसपास चर्बी जमा ना होने दे 
  • नियमित अपने दिल की जाँच जरुर कराएँ 
  • कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह जरुर लें 

डॉक्टर से कब मिलें?

यदि महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
  • अचानक सांस फूलना
  • सीने में भारीपन
  • जबड़े, पीठ या कंधे में दर्द
  • असामान्य थकान

निष्कर्ष (CONCLUSION) 

महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक एक गंभीर समस्या बनती जा रही है जो कि अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण ना होने के कारण नज़रअंदाज कर दी जाती है परन्तु अच्छी डाइट, शारीरिक गतिविधि और खतरा पैदा करने वाले कारणों को नियंत्रित करके हार्ट डिजीज और साइलेंट हार्ट अटैक से बचा जा सकता है 

अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो, तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें । 

ऐसी ही हेल्थ से जुडी जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट को फॉलो जरुर करें । 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक बिना सीने के दर्द के हो सकता है?

हाँ, कई मामलों में महिलाओं को सीने में तेज दर्द नहीं होता और केवल थकान, सांस फूलना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं

Q2. साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा किस उम्र में बढ़ जाता है?

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में जोखिम बढ़ सकता है, विशेषकर यदि हाई BP, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं मौजूद हों

Q3. क्या डायबिटीज वाले लोगों में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है?

हाँ, डायबिटीज नसों को प्रभावित कर सकती है, जिससे हार्ट अटैक के लक्षण कम स्पष्ट महसूस हो सकते हैं

Q4. क्या साइलेंट हार्ट अटैक जानलेवा हो सकता है?

हाँ, समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है

Q5. महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के सबसे शुरुआती संकेत क्या हैं

असामान्य थकान, सांस फूलना, पीठ या जबड़े में दर्द, चक्कर आना और सीने में भारीपन महिलाओं में हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ये लक्षण पुरुषों की तुलना में अलग दिखाई दे सकते हैं

Q6. महिलाओं को हार्ट हेल्थ के लिए कौन-कौन से टेस्ट कराने चाहिए?

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल और डॉक्टर की सलाह अनुसार अन्य हृदय जांच कराना फायदेमंद हो सकता है

Q7. साइलेंट हार्ट अटैक और सामान्य हार्ट अटैक में क्या अंतर है?

सामान्य हार्ट अटैक में सीने में तेज दर्द जैसे स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि साइलेंट हार्ट अटैक में लक्षण हल्के, असामान्य या पहचानने में कठिन हो सकते हैं

Q8. क्या अत्यधिक थकान महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकती है?

हाँ, बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार थकान महसूस होना महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है

Q9. क्या महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक ज्यादा होता है?

कुछ अध्ययनों के अनुसार महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग हो सकते हैं, इसलिए कई बार साइलेंट हार्ट अटैक की पहचान देर से होती है

स्रोत एवं संदर्भ

अस्वीकरण (Disclaimer)

इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या आपातकालीन स्थिति में तुरंत योग्य डॉक्टर या मेडिकल सहायता से संपर्क करें।

By Team SehatPravah — शोध और विश्वसनीय स्वास्थ्य स्रोतों (Mayo Clinic, CDC, Cleveland Clinic) के आधार पर लिखा गया

अंतिम अपडेट: जुलाई 2026

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